धर्मो रक्षति रक्षितः
रक्षित किया हुआ धर्म मनुष्य की रक्षा करता है।
:- मनुस्मृति


जब सनातन धर्म का क्षरण होता है, तब राष्ट्र का क्षरण होता है। :- महर्षि अरविन्द

बहवो यत्र नेतार:, सर्वे पण्डित मानिना:। सर्वे मह्त्व मिच्छंति, तद् राष्ट्र भव सीदति ।।

जिस राष्ट्र में नेतृ्त्व करने वाले बहुत हो जाते हैं एवं अपने को बुद्धिमान समझते हैं तथा प्रत्येक श्रेष्ठ पद की आकांक्षा रखता है, वह राष्ट्र नष्ट हो जाता है.

Tuesday, February 17, 2015

शिव भाव महिमा (shiv emotional intelligence)

कब करना मुझको विषपान, कब करना किसका संहार,
कब बनना है बाबा भोला, कब करना किसका उद्धार,

कब विचरूँ कैलाश पर जाकर, कब कर दूँ डमरू का नाद,
तांडव कब करना है शिवजी, कब चुप बैंठूँ आँखें साध....
 
तुम गृहस्थ हो और विरक्त हो, हे शिव! तेरे रूप अनेक,
तुम्हरी महिमा कैसे जानें, प्रश्न यही है मन में एक,

चन्द्रमौलि कब दर्शन दोगे, सहज बता दो मुझको आज,
मन को इतना कैसे साधें, तुमसे पूछूँगा यह राज.
 
अवधेश पाण्डेय.
सी-185, सेक्टर 37, ग्रेटर नोएडा.

Thursday, February 12, 2015

सोशल मीडिया के धुरधंरो के साथ चाय पर चर्चा कब? chai par charcha

मोदी जी ने एक एक कर सबके साथ चाय पी. नहीं पी तो सोशल मीडिया के उन लोगों के साथ जो रात दिन एक करके देश को एक सक्षम प्रधानमंत्री देना चाहते थे. क्या अच्छा न होता कि एक दिन इन लोगों को खुला न्योता देकर उनके बीच में मोदी जी का संबोधन होता. बहुत से लोग उपेक्षा का दर्द सहकर भी कार्य करते रहे, किन्तु बहुत सी आवाज़ें खामोश हो गयीं. कम लिखना ज्यादा अच्छा है. एक पुरानी पोस्ट पढिये, पहले फेसबुक पर थी. आज ब्लॉग पर डाल रहा हूँ.
 
दिल्ली में हुए ऐतिहासिक सम्मेलन का आयोजन अभूतपूर्व अनुभव रहा, आयोजकों के लिये भी और सम्मेलन में उपस्थित हो माँ भारती का गौरव बढ़ाने वाले भाई-बह्नों के लिये भी. देश के विभिन्न भागों से स्वत: प्रेरणा से आये लोगों का संगम अविस्मरणीय घटना है. आज जब जन-सामान्य राजनीति से घृणा करता है, तब देश को आगे ले जाने का संकल्प लेकर लोग किसी नेता के लिये अपना काम-धाम छोड़ दिल्ली आते हैं तो यह बहुत बड़ी बात है. सम्मेलन में जहाँ सोशल मीडिया के नामी धुरंधर उपस्थित हुए, वहीं अन्य राष्ट्रभक्त भी पीछे न रहे. लगभग 150 के आसपास की संख्या रही होगी. जो लोग सम्मेलन में नहीं आ सके उनके लिये कार्यक्रम विवरण कलमबद्ध करने का परम सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ है, जो आप सभी को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित है.
कार्यक्रम महन्त नित्यानंददास जी एवं एक अन्य उपस्थित बुजुर्ग द्वारा माँ भारती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित करने के साथ प्रारंभ हुआ. दो सत्रों में संपन्न कार्यक्रम के प्रथम सत्र में देश की विभिन्न समस्याओं पर चिंता जताते हुए, वक्ताओं ने मोदी जी के द्वारा किये गये विकास कार्यों, समाज के लोगों में जाति-धर्म आदि का भेद न करते हुए सभी का समान विकास करने की भावना, पारदर्शी व कुशल प्रशासन, आतंकवाद से सख्ती से निपटने, नशाबंदी व गौरक्षा आदि के लिये मोदी जी के कार्यों जैसे अनेकों कारण गिनाये. मोदी जी की कार्यक्षमता का लोहा मानते हुए सभी ने माँ भारती के मंदिर के लिये मोदी जी को ही उपयुक्त पुजारी बताया.
 
प्रथम सत्र के बाद भोजन की व्यवस्था भी थी. भोजन के उपरांत दूसरे सत्र में मोदी जी को राष्ट्र का नेतृत्व सौपने के मार्गों पर उपस्थित राष्ट्रवादियों ने निम्नलिखित सुझाव दिये. सुझाव अनंतिम है और आप लोग टिप्पणी के रूप में अपने बहुमूल्य सुझाव देने की कृपा करें तो यह राष्ट्रकार्य थोड़ा आसान हो सकता है.

1) युवाओं को राष्ट्र की समस्याओं से अवगत कराना और उन्हे अपने मताधिकार का प्रयोग करने का प्रोत्साहन देना
2) राष्ट्र के विरोधियों की पोल जनता के सामने खोलना, केन्द्र सरकार के घोटाले व उनके सहयोगियों के बारे में जनता को बताते हुए, मोदी जी के द्वारा कराये गये कार्यों को जनता के समक्ष रखना.
3) किसी भी संगठन से जुड़े लोगों को अपनी अपनी मातृ संस्थाओं पर दबाव डालना होगा.
4) देश में काँग्रेस के विरुद्ध माहौल है अत: मोदी जी को गैर काँग्रेसवाद का प्रतिनिधित्व करना होगा.
5) नारी शक्ति को राष्ट्र की समस्याओं से अवगत करा, उन्हे अपने आसपास चर्चा व मताधिकार का प्रयोग करने के लिये प्रोत्साहन देना होगा.
6) माननीय श्री सुरेश जी सोनी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, केशव कुँज, झण्डेवालान, नयी दिल्ली को पत्र भेज मोदी जी राष्ट्र रक्षा के लिये आगे करने का अनुरोध करना.
7) गली-मुहल्लों में नोटिस बोर्ड लगाकर मोदी जी के द्वारा कराये गये कार्यों का उल्लेख करना.
8) गाँवों और कस्बों में टोलियाँ बना देश की उन्नति के लिये मोदी जी जैसे अनुभवी व प्रामाणिक क्षमता की आवश्यकता के बारे में लोगों को बताना.
9) केन्द्र का रास्ता गुजरात के विधानसभा चुनाव से होकर जाने वाला है, अत: सभी राष्ट्रवादियों को गुजरात विधानसभा चुनाव में अपना समय देने के लिये तैयार रहना होगा.

उपरोक्त प्रस्तावों को वास्तविकता का रूप देने के लिये अगली कार्ययोजना बैठक का भी विचार किया गया.

सम्मेलन में आने वाले राष्ट्रभक्तों का सादर धन्यवाद.

!! भारत माता की जय !!

अवधेश पाण्डेय
सी-185, सेक्टर 37, ग्रेटर नोएडा.