धर्मो रक्षति रक्षितः
रक्षित किया हुआ धर्म मनुष्य की रक्षा करता है।
:- मनुस्मृति


जब सनातन धर्म का क्षरण होता है, तब राष्ट्र का क्षरण होता है। :- महर्षि अरविन्द

बहवो यत्र नेतार:, सर्वे पण्डित मानिना:। सर्वे मह्त्व मिच्छंति, तद् राष्ट्र भव सीदति ।।

जिस राष्ट्र में नेतृ्त्व करने वाले बहुत हो जाते हैं एवं अपने को बुद्धिमान समझते हैं तथा प्रत्येक श्रेष्ठ पद की आकांक्षा रखता है, वह राष्ट्र नष्ट हो जाता है.

Sunday, January 1, 2012

ईसवी सन 2012 (New Year )

ईसवी सन 2012 की आपको हार्दिक शुभकामनायें,
लेकिन अंग्रेजियत छोडें एवं भारतीयता अपनायें.

अंग्रेजों ने दे दी हमें, लूट की संस्कृति,
जीवन मूल्य बढाकर, अब पायें इससे मुक्ति.

स्वाधीन हुए हैं हम, फिर जीते क्यों परतंत्र में,
जागो मित्रों अब, रहेंगे सच्चे लोकतंत्र में.

रहे सदा हमको, मानवता का ध्यान,
सब रहें सदा संपन्न, ऐसा हो विज्ञान.

प्यार करें अपनी मिट्टी से, शक्तिशाली देश बनायें,
आईये अंग्रेजियत छोडें एवं भारतीयता अपनायें.

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