धर्मो रक्षति रक्षितः
रक्षित किया हुआ धर्म मनुष्य की रक्षा करता है।
:- मनुस्मृति


जब सनातन धर्म का क्षरण होता है, तब राष्ट्र का क्षरण होता है। :- महर्षि अरविन्द

बहवो यत्र नेतार:, सर्वे पण्डित मानिना:। सर्वे मह्त्व मिच्छंति, तद् राष्ट्र भव सीदति ।।

जिस राष्ट्र में नेतृ्त्व करने वाले बहुत हो जाते हैं एवं अपने को बुद्धिमान समझते हैं तथा प्रत्येक श्रेष्ठ पद की आकांक्षा रखता है, वह राष्ट्र नष्ट हो जाता है.

Sunday, May 9, 2010

संघ के सामाजिक कार्य और दिग्गी राजा की चिंता

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में एक खबर आई है, जिसमें श्री दिग्विजय सिंह जी माननीय गृहमंत्री पी चिदंबरम से मिलकर सामाजिक कार्यों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के योगदान एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा  में संघ द्वारा संचालित शिक्षण केन्द्रों के प्रतियोगियों की बड़ी सफलता पर चिंतित है. दिग्विजय जी की चिंता को मैंने कविता का रूप दे दिया है, जो कुछ इस प्रकार है.

संघ का बढ़ता रूप देखकर, डर गए दिग्गी राजा,
बोले जाकर चिदंबरम से, बज गया अपना बाजा.
संघवृक्ष है बहुत निराला, इससे मुझे बचाओ,
लहराते है परचम अपना, कोई जुगत लगाओ.

प्रतियोगी का ज्ञान बढाकर, काबिल उन्हें बनाता है,
बहुत सफल प्रतियोगी होकर, सेवा में आ जाता है.
संघ शक्ति का बोध कराकर, अच्छा भाव सिखाता है,
राष्ट्र भावना सर्वोपरि कर,  सच्चा मार्ग दिखाता है.


आगे बहुत हो रहे संघी. सन्देश यही मैं लाया हूँ,
पीड़ा बहुत हो रही मुझको, चिंतन करने आया हूँ.
चिदंबरम फिर बोले बाबू, इसका पता लगाऊंगा,
क्षमता है पर जिसके अन्दर, रोक उसे क्या पाउँगा.

पंक्तियाँ टाइम्स आफ इंडिया के निम्नांकित खबर लिंक पर आधारित हैं.
http://timesofindia.indiatimes.com/india/After-Naxal-spat-Diggy-meets-PC-over-RSS-in-social-sector/articleshow/5904099.cms

8 comments:

RAJESHWAR VASHISTHA said...

क्या बात है अवध बाबू ।

HTF said...

संघ का नाम सुनते ही गद्दार सटपटा जाते हैं

अनुनाद सिंह said...

दिग्भ्रमित सिंह ने ठान लिया है कि इस देश को देशद्रोहियों और आतंक मचाने वालों से भर देंगे ; संघ ने ठान लिया है कि भारत को देशभक्तों और देशसेवियों से भर देंगे। अब देखना है कि कौन सफल होता है।

अनुनाद सिंह said...

हाँ, कविता बहुत अच्छी लगी - यह लिखना भूल गया था।

दिगम्बर नासवा said...

संघ वाले कहाँ कहाँ नही हैं भई .....

निर्झर'नीर said...

kya baat hai ...jordaar kataksh kiya hai avdesh ji

awaysome LOL

Anup Kumar Sahay said...

Bhai Wah

Annu said...

superb yaar !!!!!!!!!!!