धर्मो रक्षति रक्षितः
रक्षित किया हुआ धर्म मनुष्य की रक्षा करता है।
:- मनुस्मृति


जब सनातन धर्म का क्षरण होता है, तब राष्ट्र का क्षरण होता है। :- महर्षि अरविन्द

बहवो यत्र नेतार:, सर्वे पण्डित मानिना:। सर्वे मह्त्व मिच्छंति, तद् राष्ट्र भव सीदति ।।

जिस राष्ट्र में नेतृ्त्व करने वाले बहुत हो जाते हैं एवं अपने को बुद्धिमान समझते हैं तथा प्रत्येक श्रेष्ठ पद की आकांक्षा रखता है, वह राष्ट्र नष्ट हो जाता है.

Wednesday, May 19, 2010

असफल प्रेम का सुखद अंत

असफल प्रेम के पश्चात् जीवन समाप्त नहीं होता बल्कि सच्चा प्रेम जीने की ताकत देता है. किसी का बाग़ उजाड़ कर अपना घर बसाने से अच्छा है की अपना नया घर बसाया जाये और उसे ही सुन्दर फूलों से सजाया जाये. आज के वातावरण में लोग प्रेम में असफल होने पर अपना या अपने प्रेमी/प्रेमिका का जीवन संकट में डाल देते हैं और आने वाले सुखद पलों से अनायास ही वंचित हो जाते हैं. इस कविता में एक प्रेमी के ह्रदय के उद्गार द्वारा उन्ही लोगों को सन्देश देने की कोशिश की है.

कोई था दिल ने जिसे हरदम समझा अपना,
अधुरा था जिनके बिना मेरा हर एक सपना.
मंदिरों में जिनके लिए, की थी मैंने पूजा,
पसंद था उनको, साथी कोई और दूजा.
प्रेम किया था मैंने उनसे, पल पल उसे निभाया,
शायद उनकी मजबूरी थी, जो प्यार मेरा ठुकराया.
क्रोध प्रेम का द्वन्द उठा जब, विजय प्रेम ने पायी,
दुनिया अपनी अलग हुई जब, आँख मेरी भर आयी.
वो खुश हैं अब घर पर अपने, हम भी खुश अपनी बगिया में
सच्चे प्यार का अर्थ है जीवन, एक सत्य है इस दुनिया में.

10 comments:

दिलीप said...

waah ati sundar

Ajit said...

Waah Awadhesh Bhai,

Aap ne to logo ko jine ka naya rasta dikhaya hai

shabbashh

महामूर्खराज said...

sundar kavita

Udan Tashtari said...

सच्चे प्यार का अर्थ है जीवन

-बिल्कुल सही कहा..बढ़िया!

मनकापुर में कहाँ है आप..ITI में क्या...ईमेल करें..

sameer.lal@gmail.com

VK said...

Gr8 poem,
Puri tarah se mujh par lagoo hota hai.
Aaj jaroorat hai esi prakar ke soach ke.
Maine kar dikhaya hai aapke guideline & opinian se.

Shayad yahi satya bhi hai.

VINOD

Rohit said...

lovely poem....

Amit Kumar said...

Wah janab ....

निर्झर'नीर said...

क्रोध प्रेम का द्वन्द उठा जब, विजय प्रेम ने पायी,
दुनिया अपनी अलग हुई जब, आँख मेरी भर आयी.
वो खुश हैं अब घर पर अपने, हम भी खुश अपनी बगिया में
सच्चे प्यार का अर्थ है जीवन, एक सत्य है इस दुनिया में.

sacchi baat kahi hai yarraaaaa........

saurabh said...

Really Heart Touching... More or less I am also one of them.. I got inspiration from this.. But I like it very much coz it is somewhere related to me also...

pawan dhiman said...

अच्छी भावाभिव्यक्ति