धर्मो रक्षति रक्षितः
रक्षित किया हुआ धर्म मनुष्य की रक्षा करता है।
:- मनुस्मृति


जब सनातन धर्म का क्षरण होता है, तब राष्ट्र का क्षरण होता है। :- महर्षि अरविन्द

बहवो यत्र नेतार:, सर्वे पण्डित मानिना:। सर्वे मह्त्व मिच्छंति, तद् राष्ट्र भव सीदति ।।

जिस राष्ट्र में नेतृ्त्व करने वाले बहुत हो जाते हैं एवं अपने को बुद्धिमान समझते हैं तथा प्रत्येक श्रेष्ठ पद की आकांक्षा रखता है, वह राष्ट्र नष्ट हो जाता है.

Thursday, April 8, 2010

मीडिया और वास्तविक मुद्दे से उसका सरोकार

सानिया मिर्ज़ा, शोएब मालिक और आयशा की खबरे देखते और सुनते सुनते थक गया तो यह लेख लिखने को विवश हो गया. आम जनता के मुद्दे से मीडिया का कितना सरोकार है यह भी देखने को मिला, महगाई का मुद्दा हो, बरेली या हैदराबाद में हुए दंगे हों या आम जनता का पैसा गुलाम मंडल खेलों (कॉमन वेल्थ) में बरबाद करने वाली दिल्ली सरकार हो या ममता बनर्जी के दबाव में नक्सलियों के खिलाफ ढुलमुल रवैया. कहीं से भी देश का मीडिया ज़िम्मेदार नहीं दीखता.
एक पाकिस्तानी भारत आता है और मीडिया उसको सुपर हिट बना देता है, मीडिया उसकी शादी की ख़बरों को दिखाने में जनता का कितना समय व्यर्थ कर डालता है यह सोचकर लगता है की देश का बुद्दिजीवी वर्ग टीवी कैसे देखता होगा? और अगर देखता है तो सब कुछ कैसे सहता है.
अभी शादी में एक सप्ताह शेष है, फिर रिसेप्शन, सुहागरात, ससुराल, हनीमून आदि आदि ख़बरों से सारे के सारे चैनल भरे पड़े होंगे बेहूदगी की हद कहाँ तक होगी यह कल्पना भी नहीं की जा सकती.
नेहरू-गाँधी परिवार के दबाव में काम करने वाला मीडिया राहुल बाबा की शादी के समय क्या क्या करेगा इसका उत्तर मैं आपलोगों पर छोड़ता हूँ. आपकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा रहेगी.
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शोएब की आंधी में शिक्षा अधिकार बिल कहाँ गया पता ही नहीं चला.

5 comments:

मनोज कुमार said...

अच्छी प्रस्तुति। बधाई। ब्लॉगजगत में स्वागत।

Anurag Geete said...

अवधेश भाई... हमने अभी अभी राहुल महाजन की शादी निपटाई है.... अब सानिया की शादी भी निपटा देंगे हमारा क्या है... हम तो पहले से ही शादी शुदा है|

संगीता पुरी said...

इस नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

honesty project democracy said...

Aaj sarkar aur sarkari wyawshtha logon ko do wakt ki roti tak muhaiya nahi kara pa rahi hai.Aise me buddhijiwi bhi bhookhe bilbila kar us taraf chal dete hai jhan unhe do wakt ki roti ke sath jhoothi sano soukat ka saman milta hai.ASAL SAMASYA TO WYWSHTHA KE ELAJ KA HAI ?

जयराम “विप्लव” { jayram"viplav" } said...

कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

कलम के पुजारी अगर सो गये तो

ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।

हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " http://janokti.feedcluster.com/ से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .